Bewafa Shayari In Hindi बेवफाई शायरी

Bewafa Shayari In Hindi | बेवफाई शायरी |

Kisi Ki Khatir Mohabbat Ki Inteha Kar Do,
Lekin Itna Bhi NAhi Ki Usko Khuda Kar Do,
Mat Chaho Kisi Ko Tut Kar Is Kadar Itna,
Ki Apni Wafaon Se Usko Bewafa Kar Do.


रुसवाईयों की बात क्यों करते हो,
तन्हाईयों में याद क्यों करते हो,
वफा नहीं करना तो कोई बात नहीं,
बेवफाई की बात क्यों करते हो।।


साथ रहते यूँ ही वक़्त गुज़र जायेगा,
दूर होने के बाद कौन किसे याद आयेगा,
जी लो ये पल जब हम साथ हैं,
कल क्या पता वक़्त कहाँ ले जायेगा।


हसीनो ने हसीन बनकर गुनाह किया,
औरों को तो क्या हमको भी तबाह किया,
पेश किया जब ग़ज़लों में हमने उनकी बेवफ़ाई को,
औरों ने तो क्या उन्होने भी वाह-वाह किया।


कभी ग़म तो कभी तन्हाई मार गयी,
कभी याद आ कर उनकी जुदाई मार गयी,
बहुत टूट कर चाहा जिसको हमने,
आखिर में उनकी ही बेवफाई मार गयी।


Meri Mohabbat Bezubaam Hoti Rahi
Dil Ki Dhadkanem Apna vajud Hoti Rahi
Koi Nahi Aaya Mere Dukh Main Kareeb,
Ek Baarish Thi Jho Mere Saath Roti Hai.


कोई शिकवा नही है तुमसे बेवफाई का..
में परेशान हु खुद अपनी वफाओं से ..


यू तो कोई तन्हा नहीं होता,
चाह कर किसी से जुदा नहीं होता,
मोहब्बत को मजबूरियां ले डूबती है,
वरना ख़ुशी से कोई बेवफ़ा नहीं होता!


मेरी वफ़ा की कदर ना की,
अपनी पसंद पे तो ऐतबार किया होता,
सुना है वो उसकी भी ना हुई,
मुझे छोड दिया था उसे तो अपना लिया होता.


ये बेवफा, वफा की कीमत क्या जाने !
ये बेवफा गम-ए-मोहब्बत क्या जाने !
जिन्हे मिलता है हर मोड पर नया हमसफर !
वो भला प्यार की कीमत क्या जाने !!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.